← Back
Chapter 16
📚 श्मशान की रानी – Queen of the Cremation Grounds

Chapter 16

📖 Read
🖼️ Images
चैप्टर 16: अंतिम संधि रोहन ने अपने संगठित अभ्यास के परिणामस्वरूप अपने शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन को स्थिर कर लिया था। वह अपने प्रशिक्षण के अगले चरण के लिए तैयार था, और लक्ष्मी ने उसे एक नए उद्देश्य की ओर दिशा निर्देशित किया। वह एक विशाल मांडूक पर्वत पर चढ़ने के लिए कहा गया था, जहां मृत्यु के तीन पुजारी रहते थे। रोहन ने अपनी विशेष क्षमता का उपयोग करके मांडूक पर्वत की चोटी पर पहुंच गया और एक विशाल मंदिर का सामना किया। वहां, तीन मृत्यु पुजारी उसका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने रोहन से पूछा, "क्या लक्ष्मी ने तुम्हें भेजा है?" रोहन ने हां में हाथ उठाया। उन्होंने उससे कहा, "तुम्हारी आत्मा का मूल्य पत्रक हमारे पास है, और हम जानना चाहते हैं कि तुम इसे कैसे तैयार कर सकते हो।" रोहन ने अपनी आत्मा का मूल्य पत्रक उन्हें दिखाया, लेकिन मृत्यु पुजारियों का यह जानने के बाद कि वह लक्ष्मी के चुने हुए संगी है, उनकी प्रतिक्रिया बदल गई। उन्होंने रोहन से कहा, "अब तुम्हारी आत्मा की कीमत दोगुनी हो गई है, और हम इसे वापस करने के लिए तैयार नहीं हैं। तुम्हारे पास एक विकल्प है: तुम अपनी आत्मा को हमें दे सकते हो या तुम लक्ष्मी के साथ दीर्घकालिक सहयोग कर सकते हो।" रोहन ने सोचा कि क्या करना है, लेकिन ज्यादातर समय वह शायद इसे जाने दे देगा। पर वह तो सोचते नहीं हुए, वह उन पर चुपके से एक दांव गिराते हुए उनसे कहते, "मैं अपनी आत्मा को देने के लिए तैयार हूँ।" रोहन ने उन्हें बताया कि वह अपनी आत्मा को तैयार करेंगे और उन्हें वापस आ जाएंगे। मृत्यु पुजारियों ने रोहन से कहा, "अगर आप अपनी आत्मा को हमें देंगे, तो हम आपसे एक बोनस देंगे।" रोहन ने मृत्यु पुजारियों से पूछा, "एक बोनस क्या है? उन्होंने रोहन से कहा, "आपकी मृत्यु को पूरी तरह से नियंत्रित करने की क्षमता हमें देंगे।" रोहन को यह बात अच्छी लगी, वह अपनी मृत्यु को नियंत्रित करना चाहता था। उसने मृत्यु पुजारियों को अपनी आत्मा का मूल्य पत्रक दिया और उन्होंने उसकी आत्मा को अपने पास ले लिया। रोहन ने फिर से अपने जीवन को जीना शुरू किया और एक नए उद्देश्य की ओर बढ़ा। पर यहां उसकी कहानी का एक नया मोड़ है, जो आगे की घटनाओं को प्रभावित करेगा। रोहन ने अपने अगले कदम के बारे में सोचा और यह सोचकर कि वह क्या कर सकता है, वह सोचा, "मुझे लगता है कि मैं लक्ष्मी से बात करना चाहता हूँ।" वह उसके बारे में जानना चाहता था, उसकी योजनाओं के बारे में। उसकी चुपचापी उसके लिए एक समस्या बन गई थी। पर, उसके लिए एक समाधान यह भी था। रोहन लाख में मानता था कि लक्ष्मी का प्लान अब भी बहुत ज्यादा साफ नहीं है। वह जितनी बार सोचता है कि लक्ष्मी को मारना चाहिए, उसकी आत्मा की कीमत के बारे में विचार करता है और यह सोचकर कि अगर उसे मारना चाहिए तो लक्ष्मी को मारना चाहिए, वह जिस मान में है उसे भी जोखिम भरा लगता है। वह अपने विचारों में डूब गया, तभी उसकी कानों में एक आवाज आई। "रोहन, तुम्हारा समय खत्म हो गया है।" वह पलटकर देखा, वहाँ लक्ष्मी खड़ी हुई थी। उसकी आँखों में एक संदेश था और यह है कि उसकी योजना अब भी ज्यादा साफ नहीं है। वह सोच रही थी कि क्या करना है।
← Ch.15 📋 Chapters Ch.17 →
💬 Comments (0)

Login to comment.