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Chapter 4
📚 श्मशान की रानी – Queen of the Cremation Grounds

Chapter 4

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चैप्टर 4: श्मशान घाट का रहस्य रोहन ने अपनी पीठ को सीधा किया और दर्द को सहन करने का फैसला किया। वह अपने पैरों को उठाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दर्द के कारण वह इसे पूरा नहीं कर सका। किरण ने उसके हाथ में दूध दिया, लेकिन रोहन ने उसकी ओर देखा और कहा, "मैं ठीक हूं।" किरण ने हाथ झुकाया, "तो ठीक है, पर तुम्हें आराम करना चाहिए।" रोहन ने अपनी आँखें बंद कीं और कुछ सेकंड के लिए आराम किया, लेकिन फिर वह उठ गया और बाहर निकलने का फैसला किया। किरण ने उसके पीछे बाहर निकली, "रोहन, तुम ठीक हो नहीं?" "मैं जाऊंगा, किरण।" रोहन ने कहा, "मुझे कुछ करना है." किरण ने उसके हाथ में अपना हाथ डाला, "तो ठीक है, पर तुम्हें देख लेना चाहिए।" रोहन ने उसकी बात मानी और बाहर निकलकर श्मशान घाट की ओर चल दिया। वह जानता था कि उसी रात अमावस्या है, और वह जानता था कि उसी रात वहाँ कुछ बहुत ही अजीब होगा। लेकिन वह जानना नहीं चाहता था कि क्या होगा। जब वह घाट पहुँचा, तो वहाँ एक अजीब सी शांति थी। रोहन ने देखा कि श्मशान घाट में कोई भी नहीं था, और उसे एक अजीब सा अनुभव हुआ कि वह वहाँ अकेला है। वह अपने पैरों को बढ़ाया और श्मशान घाट में बढ़ गया। तभी अचानक एक चीख सुनाई दी। रोहन के दिल ने धड़कन सी मारी और वह उसी दिशा में बढ़ गया। वह जानता था कि वह क्या सुना रहा है, लेकिन वह क्या कर रहा है, उसे पता नहीं था। एक अजीब सी आँखें उसे देख रही थीं, और रोहन ने देखा कि वह एक अजीब सी स्त्री थी। वह श्रावणी थी, और रोहन ने सुना था कि वह श्मशान घाट की एक शक्तिशाली स्त्री थी। "तुम यहाँ क्या कर रहे हो, रोहन?" श्रावणी ने पूछा, "तुम्हारे पास जाने का समय नहीं है।" रोहन ने जवाब दिया, "मैं यहाँ तुम्हारे साथ बात करने आया हूँ।" श्रावणी ने मुस्कराया, "तुम्हारे पास जाने के लिए पर्याप्त साहस है।" रोहन ने सोचा, "मुझे पता है कि श्रावणी एक शक्तिशाली स्त्री है, लेकिन मैं उसकी ओर जाने के लिए तैयार हूँ।" श्रावणी ने एक अजीब सी मुस्कराहट के साथ कहा, "तो ठीक है, रोहन। मैं तुम्हें अपने साथ ले जाऊँगी।" रोहन ने सोचा, "मुझे पता है कि मैं एक बड़ा भूल करने जा रहा हूँ, लेकिन मैं जानना चाहता हूँ कि यह क्या है।" श्रावणी ने उसका हाथ पकड़ा, और रोहन ने महसूस किया कि वह एक अजीब सी शक्ति के साथ जुड़ गया है।
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