📖 Read
🖼️ Images
चैप्टर 10: श्रावणी का सच और कुसुम की सच्चाई
रोहन श्मशान घाट के अंदर अपनी यात्रा से लौटते समय ही एक अजीब बात महसूस की। वह श्मशान घाट के पास एक छोटी सी दुकान के पास रुका। उस दुकान का नाम "काली दुकान" था और वहां केवल अजीब और असामान्य वस्तुएं बेचते थे। रोहन को यहाँ की ओर आकर्षित करते हुए एक पुराना चित्र दिखाई दिया, जिसमें एक महिला थी जिसका चेहरा श्रावणी के ही तरह था।
रोहन ने दुकान में प्रवेश किया और एक अजीब व्यक्ति से बात की। वह व्यक्ति काली दुकान का मालिक था और उसका नाम "भैरव" था। भैरव ने रोहन को बताया कि वह एक पुराना चित्र है जिसे उसने एक अज्ञात महिला से खरीदा था। रोहन ने भैरव से पूछा कि क्या वह यह बता सकता है कि यह महिला कौन है और क्या उसे श्रावणी से कोई जुड़ाव है।
भैरव ने रोहन को बताया कि वह महिला जो चित्र में दर्शाई गई है, वह कुसुम थी। कुसुम एक अजीब और शक्तिशाली महिला थी जो श्रावणी की एक पुरानी दोस्त और सहयोगी थी। भैरव ने रोहन को बताया कि कुसुम की मृत्यु काफी समय पहले हो गई थी, लेकिन उसकी आत्मा अभी भी श्मशान घाट में पाई जाती है।
रोहन ने भैरव से पूछा कि क्या वह कुसुम के बारे में अधिक जानकारी दे सकता है। भैरव ने रोहन को बताया कि कुसुम की आत्मा श्रावणी के साथ एक जुड़ाव रखती है, लेकिन वह जुड़ाव एक रहस्यमयी संबंध है। रोहन ने भैरव से पूछा कि श्रावणी के साथ कुसुम का संबंध क्या है, लेकिन भैरव ने रोहन को उत्तर नहीं दिया।
रोहन ने भैरव के घर से निकलने का फैसला किया और वही से चल दिया। वह अपने पिता के बारे में सोच रहा था और क्या कुसुम और श्रावणी के बीच का संबंध उसके पिता के साथ जुड़ा हुआ है। वही सोचते हुए, उसने एक अजीब आवाज सुनी, जो उसकी तरह ही थी। वह आवाज श्रावणी की तरह थी, लेकिन उसकी आवाज में कुछ अलग है।
रोहन ने वह आवाज सुनकर तुरंत अपनी ओर मुड़ा, लेकिन वह कोई नहीं देखा। वह आवाज उसके पीछे से आई थी और वह अब उसके सामने थी। रोहन ने आवाज करने वाली महिला को देखा और वह स्पष्ट रूप से कुसुम थी। लेकिन कुछ अजीब था। कुसुम की आंखें श्रावणी की तरह थीं, लेकिन उसका चेहरा थोड़ा अलग था। रोहन को लगा कि वह कुसुम की आत्मा है, लेकिन वह जानता था कि वह कुसुम के जीवित होने का संभावना नहीं थी।
✕
Login to comment.