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श्मशान का दुर्दान्त चुनौती
📚 श्मशान की रानी – Queen of the Cremation Grounds

श्मशान का दुर्दान्त चुनौती

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रोहन और लक्ष्मी की यात्रा अब श्मशान घाट के अंदर के गहरे खंडों में उतर गई थी। लक्ष्मी ने रोहन को एक निर्जीव पिंड के सामने खड़ा किया, जो एक अजीब से गहरे श्वास को छोड़ रहा था। "ये एक प्रकार का मृत्यु-प्रेमी है, जिसे हम 'पिटला' कहते हैं," लक्ष्मी ने बताया। "वे मरण के बाद जो भी आत्मा हो जाती है, वे उसमें प्रवेश करते हैं और उसे अपना नियंत्रण में ले लेते हैं।" रोहन की आंखें विस्मय से बाहर निकल गईं। "तुम्हें लगता है कि मैं भी ऐसा बन सकता हूं?" लक्ष्मी ने एक चमकती हुई मुस्कराहट के साथ कहा, "मैंने तुम्हारी क्षमताओं को देखा है, रोहन। तुम्हारे भीतर एक अद्वितीय ऊर्जा है, जो इस पिंड में प्रवेश करने का मुझे भरोसा दिलाती है कि तुम सफल हो सकते हो।" रोहन ने पिंड को देखा और अपने हाथों को उसके ऊपर रखा। एक अजीब सी गर्मी ने उसे छुआ, और वह महसूस कर सकता था कि पिंड पिघल रहा है। लेकिन जैसे ही वह पिंड में प्रवेश करने की कोशिश करने लगा, एक भयंकर आवाज ने उसका ध्यान आकर्षित किया। "नहीं, रोहन! तुम इसे गलत तरीके से कर रहे हो!" लक्ष्मी ने चिल्लायी, लेकिन रोहन ने आंखें बंद कर दीं और अपने आप को पिटला में प्रवेश करने के लिए तैयार किया। एक भयंकर दर्द ने रोहन को कुचल दिया, और वह महसूस कर सकता था कि उसने अपनी आत्मा को पिटला में प्रवेश करने के लिए तैयार किया है। लेकिन जब वह फिर से खुला, तो वह एक अजीब सी जगह में था, जहां पिटला के साथ बहुत सारे अन्य मृत्यु-प्रेमी थे। एक पैतृक आवाज ने कहा, "रोहन, रोहन! तुम यही हो?" रोहन ने अपनी आंखें खोलीं, और वह लक्ष्मी को एक अजीब सी जगह में खड़ी पाता है। "तुम यह क्या कर रहे हो?" लक्ष्मी ने रोहन से पूछा, लेकिन रोहन ने कुछ नहीं कहा। वह तो सिर्फ इस अजीब से दुनिया में था, जहां मौत के प्रेमी उसके आसपास घूम रहे थे।
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